➤ 5 जिलों में रात 10 बजे तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
➤ किन्नौर में बादल फटने और फ्लैश फ्लड के बाद प्रशासन ने जारी की सतर्कता एडवाइजरी
➤ प्रदेश में 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 27 पेयजल योजनाएं प्रभावित
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रहा है। शुक्रवार शाम अचानक बदले मौसम के बाद शिमला सहित प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश शुरू हो गई। इसे देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शिमला, मंडी, कुल्लू, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए रात 10 बजे तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बीती रात किन्नौर जिले में हुई भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में तबाही मचा दी। चोलिंग में बादल फटने के बाद भारी मात्रा में मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पर आ गया, जिससे दो वाहन मलबे में दब गए। राहत की बात यह रही कि दोनों वाहनों में सवार लोग सुरक्षित रहे। मलबा हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की मशीनों ने लगातार अभियान चलाया और करीब पांच घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया।
इसी तरह रिब्बा गांव में शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे फ्लैश फ्लड आने से लोगों में दहशत फैल गई। तेज बहाव और मलबे के कारण गांव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। कई ग्रामीण रात में ही घरों से बाहर निकल आए और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुट गए। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में पिछले दो दिनों के दौरान सामान्य से 211 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। अगले छह दिनों तक भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। चार जुलाई को सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा, जबकि पांच जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में फिर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार छह जुलाई को पश्चिमी विक्षोभ और अधिक सक्रिय होगा। इसके चलते छह और सात जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आठ और नौ जुलाई को भी प्रदेश में बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर भी साफ दिखाई दे रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार प्रदेश में फिलहाल 49 सड़कें, 42 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 27 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। संबंधित विभागों की टीमें बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।
बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 9.6 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। वहीं केलांग, मनाली और कांगड़ा में भी तापमान में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम सुहावना तो हुआ है लेकिन लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम सामान्य होने तक नदी-नालों के किनारे न जाएं, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करें।



